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4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियां, विकास और देखà¤à¤¾à¤²
हर माता-पिता को अपने शिशॠको आंखों के सामने सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रूप से विकसित होते देखना अनोखी खà¥à¤¶à¥€ देता है। बेशक, शिशॠके जनà¥à¤® के बाद पहले और दूसरे महीने में होने वाले विकास में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अंतर नहीं होता, लेकिन तीसरे महीने से उनमें कई बड़े बदलाव साफ-साफ दिखने लगते हैं। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम आपको 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और उनके विकास के बारे में जानकारी देंगे।
सबसे पहले जानते हैं 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के वजन और हाइट के बारे में।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
पहले तीन महीने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में चौथे महीने में शिशॠके वजन और कद में काफी अंतर आ जाता है। चौथे महीने में बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 5.2 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® से लेकर 6.9 किलो तक हो सकता है और लंबाई कम से कम 62.1 सेंटीमीटर तक हो सकती है। वहीं, चौथे महीने में बेबी बॉय का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 5.7 किलो से लेकर 7.6 किलो तक हो सकता है और लंबाई लगà¤à¤— 63.9 सेंटीमीटर तक हो सकती है (1)।
नोट : हर शिशॠà¤à¤• दूसरे से अलग होता है और सबका शारीरिक विकास à¤à¥€ अलग-अलग होता है। इसलिà¤, आपके शिशॠका वजन व कद कम-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है। इस संबंध में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° बेहतर बता सकते हैं।
आगे इस लेख में आप जानेंगे 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
शिशॠजनà¥à¤® के बाद हर महीने कà¥à¤› न कà¥à¤› नया सीखता हैं और उनका न सिरà¥à¤« शारीरिक, बलà¥à¤•ि मानसिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तरीके से à¤à¥€ विकास होता है। इस लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम 4 महीने के शिशॠके विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में आपको जानकारी देंगे।
मानसिक विकास
चीजों को समà¤à¤¨à¤¾ – शिशॠतीसरे महीने से ही थोड़ा-बहà¥à¤¤ चीजों को समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। जब वो 4 महीने के होते हैं, तो अपने माता-पिता को और अपने करीबी लोगों को, जो उनके साथ हमेशा रहते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहचानने लगते हैं। कई बार तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूर से ही देखकर पहचान जाते हैं। साथ ही अपने माता-पिता की आवाज और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं (2) (3)।
चीजों को याद रखना – 4 महीने के शिशॠकी याददाशà¥à¤¤ à¤à¥€ धीरे-धीरे मजबूत होने लगती है। अगर उनके सामने कोई चीज रखी जाठऔर फिर उसे हटा दी जाà¤, तो वो उसे ढूंढने लगते हैं। इसके अलावा, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने वाली कà¥à¤› खास चीजों को याद रखते हैं और उनके नजर आते ही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं (3)।
पà¥à¤¯à¤¾à¤° जताना – 4 महीने के शिशॠपà¥à¤¯à¤¾à¤° जताना à¤à¥€ सीखने लगते हैं। अगर उनसे कोई पà¥à¤¯à¤¾à¤° से बात करे, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤²à¤¾à¤° करे या पà¥à¤šà¤•ारे, तो वो à¤à¥€ हंसकर या सामने वाले के गाल पर अपने मà¥à¤‚ह को सटाकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं। अगर कोई उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है, तो वो à¤à¥€ बदले में खिलखिलाकर अपना पà¥à¤¯à¤¾à¤° जताते हैं (2)।
खà¥à¤¶à¥€ और दà¥à¤– को समà¤à¤¾à¤¨à¤¾ – जहां वो हंसकर या खिलखिलाकर अपनी खà¥à¤¶à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं, तो वहीं रो कर या चिड़चिड़े होकर अपनी तकलीफ या दà¥à¤– को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं। कई बार वो माता-पिता का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ खींचने के लिठà¤à¥€ बेवजह रोने और चिड़चिड़ाने लगते हैं (2) (3)।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना – अगर उनके सामने कोई चलती हà¥à¤ˆ चीज या खिलौने रखे जाà¤à¤‚, तो उसे दूर तक देखते हैं। जिधर-जिधर खिलौना जाà¤à¤—ा, वहां-वहां देखेंगे। यहां तक कि वो खिलौने और अनà¥à¤¯ चीजों तक पहà¥à¤‚चने की à¤à¥€ कोशिश करते हैं (2)।
शारीरिक विकास
सिर को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखना – जनà¥à¤® के बाद शिशॠका सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होते हैं और उसे सहारे की जरूरत होती है। फिर महीने-दर-महीने शिशॠका सिर मजबूत होने लगता है। चौथे महीने में शिशॠबिना सहारे के अपने सिर को सीधा रखना सीखने लगते हैं (2) (3)।
सहारे से बैठना – 4 महीने का शिशॠबैठना à¤à¥€ सीखने लगते हैं। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सहारे के साथ बैठाया जाà¤, तो वो थोड़ी देर तक बैठà¤à¥€ सकते हैं (3)। हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक नहीं बैठाया जाà¤, वरना उनके कमर में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है।
चीजों को पकड़ना – इस महीने में शिशॠचीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं। साथ ही चीजों को हाथ में लेकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फेंकना या à¤à¤Ÿà¤•ना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं (3)।
पलटी मारना – अगर शिशॠको पेट के बल सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ या लेटाया जाà¤, तो वो पलटना सीख जाते हैं। साथ ही पेट के बल लेटने पर अपना सिर बिना किसी सहारे के सीधा उठा सकते हैं। इसलिà¤, अगर आप शिशॠको बेड पर या किसी ऊंची जगह पर सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं या खेलने के लिठछोड़ते हैं, तो उन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। साथ ही उनके आसपास तकिया रख दें, ताकि वो गिरे नहीं। जैसे-जैसे शिशॠकी उमà¥à¤° बà¥à¤¤à¥€ है, वो चंचल होने लगते हैं (2)।
पैरों को धकेलना – 4 महीने के शिशॠलेटे-लेटे अपने पैरों से खूब खेलते हैं। अगर उनके पैर किसी मजबूत चीज पर लगते हैं, तो वो अपने पैरों को उस पर सटाकर अपने शरीर को पीछे की तरफ धकेल सकते हैं। कई बार अपने पैरों को साइकिल चलाने की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में à¤à¥€ चलाते हैं (2)।
नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° – इस महीने में शिशॠके नींद में à¤à¥€ काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° आ जाता है। 4 महीने के शिशॠ24 घंटे में 14 से 16 घंटे सोते हैं। रात में 9 से 10 घंटे और दिनà¤à¤° में दो बार थोड़ी-थोड़ी देर की à¤à¤ªà¤•ी ले लेते हैं (3)।
चीजों को मà¥à¤‚ह में डालना – 4 महीने का शिशॠन सिरà¥à¤« उंगली मà¥à¤‚ह में डालना सीखता है, बलà¥à¤•ि अनà¥à¤¯ सामने पड़ी चीजों को à¤à¥€ मà¥à¤‚ह में डालने लगता है। इसलिà¤, इस दौरान शिशॠपर खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा लगा रहता है (2) (3)।
आवाजों को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ – शिशॠन सिरà¥à¤« आवाजों को सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, बलà¥à¤•ि उनकी नकल करने कोशिश à¤à¥€ करते हैं। इतना ही नहीं जब लोग आपस में बात करते हैं, तो वो à¤à¥€ उस वारà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤¾à¤ª का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनने की कोशिश करते हैं। इस दौरान, वो तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं और अपने तरीके से बड़बड़ाने लगते हैं। साथ ही अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› पसंद हो, तो इशारों और अपने ही तरीके से उसकी मांग à¤à¥€ करते हैं (2)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
हंसना-मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ – 4 महीने के शिशॠअपने माता-पिता और जो उनके साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक रहते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहचानने लगते हैं। वो जब à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसपास देखते हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर हंसने, मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ और खिलखिलाने लगते हैं। उनके पास जाना चाहते हैं और अपना सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना चाहते हैं (2)।
खेलना पसंद करते हैं – हर रोज अगर किसी à¤à¤• निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ वकà¥à¤¤ पर शिशॠको खेलने या घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठले जाया जाà¤, तो शिशॠइस महीने में अपने खेलने का वकà¥à¤¤ समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर शिशॠको उस वकà¥à¤¤ खेलने के लिठन ले जाया जाà¤, तो वो रोने और चिड़चिड़ाने लग सकते हैं। शिशॠको खेलना पसंद आने लगता है और अगर à¤à¤¸à¥‡ में उनके साथ खेलना बंद कर दिया जाà¤, तो वो रोने à¤à¥€ लग सकते हैं। यहां तक कि वो आईने में खà¥à¤¦ को देखकर खेलते और हंसते हैं (2)।
नकल करना – ऊपर हमने बताया कि 4 महीने के शिशॠआवाजों की नकल करने की कोशिश करने लगते हैं, लेकिन इतना ही नहीं वो अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के चेहरे के हाव-à¤à¤¾à¤µ की à¤à¥€ नकल करने लगते हैं। बड़े जैसे हंसते हैं या जैसा अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं के हाव-à¤à¤¾à¤µ होते हैं, वो à¤à¥€ वैसे ही करने लगते हैं (2)।
अब वकà¥à¤¤ है 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के टीकाकरण के बारे में जानने का।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगते हैं?
शिशॠके सही विकास के लिठउनका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। शिशॠबहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• होते हैं और उनकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बड़ों के मà¥à¤•ाबले कम होती है। इसलिà¤, शिशà¥à¤“ं को जनà¥à¤® के बाद हर महीने टीकाकरण कराया जाता है। यहां हम 4 महीने बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगवाने है उसके बारे में बता रहे हैं (4)।
डीटीपी 3
आईपीवी 3
हिब 3
रोटावायरस 3
पीसीवी 3
नोट : शिशॠके जनà¥à¤® के बाद माता-पिता को टीकाकरण का à¤à¤• चारà¥à¤Ÿ दिया जाता है, जिसमें सारे टीकों के बारे में जानकारी रहती है। अगर फिर à¤à¥€ आपको समà¤à¤¨à¥‡ में कà¥à¤› उलà¤à¤¨ हो कि कौन-सा टीका कब लगवाना है, तो आप शिशॠविशेषजà¥à¤ž से इसके बारे में पूछ सकते हैं।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम बताà¤à¤‚गे कि 4 महीने का शिशॠकितना दूध पी सकता है।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
जनà¥à¤® के बाद शिशॠकम दूध का सेवन करता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके पेट का आकार छोटा होता है। वहीं, जैसे-जैसे वह बड़ा होता है, उसका पेट व पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ बढ़ने लगता है। इसलिà¤, उसके à¤à¥‚ख में à¤à¥€ बदलाव होने लगता है।
मां का दूध – यह तो जगजाहिर है कि शिशॠके लिठमां का दूध अमृत के समान होता है और जनà¥à¤® के बाद कम से कम छह महीने तक मां का दूध जरूरी है। 4 महीने का शिशॠà¤à¤• दिन में औसतन 728 à¤à¤®à¤à¤² से लेकर 1165 à¤à¤®à¤à¤² (750 गà¥à¤°à¤¾à¤® से 1200 गà¥à¤°à¤¾à¤®) तक दूध पी सकता हैं। वह 24 घंटे में 8 से 12 बार मां के दूध का सेवन कर सकता है (5) (6)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ देना पड़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में 4 महीने के शिशॠको 177 से 207 à¤à¤®à¤à¤² तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन दिन में 5 से 6 बार कराया जा सकता है (7)।
नोट : ऊपर दिठगठदूध की मातà¥à¤°à¤¾ में बदलाव हो सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¤à¥€ शिशॠà¤à¤• जैसे नहीं होते हैं और सà¤à¥€ की à¤à¥‚ख à¤à¥€ à¤à¤• जैसी नहीं होती है। इसलिà¤, यह शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और उसकी आदतों पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वो दिनà¤à¤° में कितना दूध पीता है।
आगे हम आपको 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की नींद के बारे में बताà¤à¤‚गे।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
शिशॠजनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› महीने तक बहà¥à¤¤ सोता है, लेकिन जैसे-जैसे उसका विकास होता है, सोने की आदत में à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने लगता है। 4 माह के शिशॠ24 में से लगà¤à¤— 12-16 घंटे सोते हैं। दिन में ये दो या तीन à¤à¤ªà¤•ी लेते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रात में 5 या 6 घंटे की नींद आती है। कà¥à¤› शिशà¥, विशेष रूप से जो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहे हैं, वो पूरे दिन में कई बार जाग सकते हैं (8)।
नोट : जिस तरह से हर शिशॠकी दूध की खà¥à¤°à¤¾à¤• अलग-अलग होती है, उसी पà¥à¤°à¤•ार उनकी नींद à¤à¥€ अलग-अलग होती है। यह शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, उसकी आदतों वॠवà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° पर निरà¥à¤à¤° करता है। जरूरी नहीं हर शिशॠ6 से 8 घंटे तक ही सोà¤, कोई जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सो सकता है तो कोई कम।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में जानिठकि 4 महीने के शिशॠका किस तरह के खेलों में मन लगता है।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
4 महीने के शिशॠकाफी फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¥‡ हो जाते हैं। अगर आप उनके साथ कोई गेम खेलेंगे, तो वो उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हो जाते हैं। नीचे हम आपको बता रहे हैं कि माता-पिता और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ कैसे 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के साथ खेल सकते हैं।
अगर आप 4 महीने के शिशॠके साथ कोई बात करेंगे, तो वो अपने तरीके से उसकी नकल करने की कोशिश करेंगे। साथ ही अपने तरीके से ही बोलने की कोशिश करेंगे हैं और तरह-तरह की आवाजें à¤à¥€ निकालेंगे। इससे शिशॠकी संवाद कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा।
शिशॠके सामने रंग-बिरंगी कहानियों की किताब लेकर बैठें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न सिरà¥à¤« कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚, बलà¥à¤•ि किताब में तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ à¤à¥€ दिखाà¤à¤‚।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गोद में बिठाकर उनके साथ बातें करें और à¤à¥‚ला à¤à¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से वो बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हो जाते हैं और खिलखिलाने लगते हैं। उनके सामने गाना गाà¤à¤‚। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सिटी की आवाज पसंद है, तो उनके सामने बजाà¤à¥¤
अपने शिशॠको सामने बैठाà¤à¤‚ और बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ बनाने वाले खिलौने से बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ बनाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हो जाते हैं और कई बार बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‹à¤‚ को छूने की कोशिश à¤à¥€ करते हैं।
उनके पालने में या उनके सामने घूमने वाले खिलौने, बजने वाले खिलौने व छोटे घà¥à¤‚घरू à¤à¥€ बांध सकते हैं। शिशॠउसकी आवाज सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दें और खà¥à¤¶ हो जाà¤à¤‚गे।
शिशॠको गोद में उठाकर उनके साथ हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकते हैं। जैसे शिशॠको ऊपर उठाना, फिर नीचे लाना, जैसे आप जिम में लिफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग करते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ऊपर तक न उठाà¤à¤‚।
उनके साथ मधà¥à¤¯à¤® आकार के हलà¥à¤•ी गेंद से खेलें। गेंद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करेगी और उसे पकड़ने की चाह में उनकी फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ और बà¥à¥‡à¤—ी।
आगे हम आपको बताà¤à¤‚गे कि 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ होती हैं।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
शिशॠजैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छोटी-मोटी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होना आम बात है। यहां हम आपको 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में बता रहे हैं, जिन पर हर माता-पिता को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठ(9)।
बà¥à¤–ार – मौसम बदलते देर नहीं लगती है और शिशॠकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤–ार होना आम बात है। शिशॠबहà¥à¤¤ कोमल होते हैं और सामानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकता है। इसलिà¤, शिशॠको न सिरà¥à¤« डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚, बलà¥à¤•ि हर कà¥à¤› घंटे में उसका तापमान à¤à¥€ चेक करते रहें।
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम – शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होना सामानà¥à¤¯ है, लेकिन अगर हर वकà¥à¤¤ शिशॠकी नाक बह रही है, तो इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की वजह से शिशॠको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और वो चिड़चिड़े हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर लगातार खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो न सिरà¥à¤« शिशॠके सीने में दरà¥à¤¦ हो सकता है, बलà¥à¤•ि बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस जैसी सांस संबंधी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। यहां तक कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सोने में à¤à¥€ परेशानी हो सकती है।
दूध न पिठ– अगर शिशॠमां का दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने से इंकार करे और लगातार रोता रहे, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ होना शिशॠके शरीर में किसी तरह की तकलीफ का संकेत हो सकता है।
सोने में परेशानी – अगर शिशॠसो नहीं रहा हो या रात को सोते-सोते उठरहा हो, तो इसका मतलब है कि उसे कà¥à¤› परेशानी है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो सके डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय लें। हो सकता है शिशॠके कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से दरà¥à¤¦ हो रहा हो, पेट में दरà¥à¤¦ हो या अनà¥à¤¯ कोई परेशानी हो।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम चार महीने के शिशॠसे जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ जानकारियां बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
चार महीने में शिशॠके देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ काफी विकसित हो जाती है और पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में वो बहà¥à¤¤ दूर तक देख सकते हैं। अपने आसपास हो रही गतिविधियों को वो बहà¥à¤¤ गौर से देखते हैं। इसके अलावा, अगर उनके सामने कोई गेंद हो या हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाला खिलौना हो या उनके à¤à¤¾à¤ˆ-बहन आसपास खेल रहे हों, तो शिशॠउन सब चीजों पर गौर करते हैं। वो रंग-बिरंगी चीजों पर à¤à¥€ पूरा गौर करते हैं (10)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
आपका शिशॠहर तरह की आवाज को सà¥à¤¨ सकता है। अगर आपका शिशॠरो रहा हो, तो हो सकता है कि वह मधà¥à¤° आवाज सà¥à¤¨à¤•र चà¥à¤ª हो जाà¤à¥¤ वह माता-पिता की आवाज को à¤à¥€ पहचानने लगता है और उनकी आवाज सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है व उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हो जाता है (10)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को पहचान सकता है?
चार महीने के शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद करते हैं। उसी पà¥à¤°à¤•ार वो खूशबूदार चीजों की तरफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं और खराब गंध आने पर चिड़चिड़ाकर या अनà¥à¤¯ तरीकों से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¯à¤¾ देते हैं (10)।
आगे जानिठशिशॠकी सफाई और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ बातें।
शिशॠकी सफाई और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है
घर की सफाई – धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आपके घर का फरà¥à¤¶ साफ हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं हà¥à¤† और जमीन पर कà¥à¤› गिरा हà¥à¤† हो, तो हो सकता है कि आपका शिशॠउसे उठाकर मà¥à¤‚ह में डाल ले। बाद में यह शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक हो सकता है।
डायपर – शिशॠके डायपर को हर कà¥à¤› देर में चेक करते रहें। अगर डायपर गिला हो, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त बदले, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गिले डायपर से शिशॠको रैशेज या संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। साथ ही डायपर पहनाने से पहले शिशॠके गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों को अचà¥à¤›à¥‡ से नरà¥à¤® गीले तौलिये से या बेबी वाइपà¥à¤¸ से पोछें और बेबी मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° लगाà¤à¤‚।
खिलौनों की सफाई – चार महीने का शिशॠखिलौनों से खेलना और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ना सीखने लगता है। साथ ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤‚ह में डालना à¤à¥€ सीखता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में खिलौनों का साफ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। इसलिठशिशॠके खेलने वाले खिलौनों को गरà¥à¤® पानी से साफ करें, ताकि शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ न हो।
मà¥à¤‚ह व हाथ-पैरों की सफाई – शिशॠको नहलाना जरूरी है, लेकिन अगर आप शिशॠको रोज नहीं नहला सकते हैं, तो à¤à¥€à¤—े तौलिठसे शिशॠका शरीर जरूर पोछें, ताकि उनके हाथ-पैर साफ रहें। नियमित रूप से उनके नाखून à¤à¥€ काटें, ताकि उनके नाखून की गंदगी उनके मà¥à¤‚ह में न जाà¤à¥¤ कोमल कपड़े से हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े हाथों से शिशॠकी जीठकी à¤à¥€ सफाई करें।
शिशॠके कपड़ों की सफाई – शिशॠजो कपड़े पहनते हैं या जो चादर व कंबल ओà¥à¤¤à¥‡ हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोज गरà¥à¤® पानी और à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ से धोà¤à¤‚, ताकि शिशॠके कपड़े साफ हों और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा न हो।
इन सबके अलावा à¤à¥€ छोटी-छोटी चीजें जैसे – नाक साफ करना, शिशॠको छूने से पहले हाथ धोना, उनके गाल पर किस न करना आदि का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है।
इस लेख में आगे जानिठकि माता-पिता अपने शिशॠके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास में कैसे मदद कर सकते हैं।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं पर सामानà¥à¤¯ सà¥à¤à¤¾à¤µ
शिशॠका तेजी से विकास हो उसके लिठमाता-पिता का योगदान सबसे जरूरी है। यहां हम उसी के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।
4 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ चीजों को समà¤à¤¨à¥‡ लगता है और खेलने के लिठउतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में माता-पिता उनके साथ शिशॠके पसंदीदा खिलौने को लेकर खेलें।
शिशॠके साथ सामने बैठकर ही लà¥à¤•ा-छिपी खेलें, इसमें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी मजा आà¤à¤—ा। जितना हो सके, उनके साथ वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚।
उनके पसंदीदा खिलौने को उनसे थोड़ा दूर रख दें और शिशॠको उसे पकड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें।
उनके सामने गाना गाà¤à¤‚ या कविताà¤à¤‚ पà¥à¥‡à¤‚ और सोने से पहले लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚ और दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ खेलने दें।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रंग-बिरंगी तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ दिखाà¤à¤‚ व कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
आगे हम आपको शिशॠके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बताà¤à¤‚गे, जो माता-पिता के लिठचिंता का कारण हो सकते हैं।
4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
अगर आपके शिशॠमें नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं, तो बिना देर करते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें (2) (11)।
अगर लोगों को देखकर हंसने या रोने जैसी कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दे।
अगर सिर को सहारा देने के बाद à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ न रख सके।
अगर चीजों को पकड़ न सके या मà¥à¤‚ह तक न ले जा सके।
पैरों से खà¥à¤¦ को न धकेल सके या पैरों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न चलाà¤à¥¤
कमरे में किसी के आने के बाद à¤à¥€ न देखे या पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दे।
अगर आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दे।
दूध न पिठऔर पूरे दिन चिड़चिड़ा रहे या रोता रहे।
रात को ठीक से न सोठया बेचैन रहे।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के इस à¤à¤¾à¤— में जानिठकि 4 महीने के शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जरूरी है।
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
माता-पिता को अपने शिशॠके लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ तैयार कर रखना जरूरी है, ताकि वो शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और बेहतर विकास पर न सिरà¥à¤« धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे सकें, बलà¥à¤•ि बेहतर तरीके से योगदान à¤à¥€ दे सकें। नीचे जानिठचेकलिसà¥à¤Ÿ के बारे में।
शिशॠका नियमित तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप कराà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानकारी लेकर सही वकà¥à¤¤ पर वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाà¤à¤‚।
जब à¤à¥€ शिशॠके साथ बाहर जाà¤à¤‚, तो उसके à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ कपड़े, डायपर व दूध आदि चीजें साथ लेकर निकलें।
अगर शिशॠको दूध के अलावा कोई ठोस आहार देना चाहते हैं, तो उसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
इस लेख में आगे हम कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ सवालों के जवाब देंगे, जिसके बारे में अकà¥à¤¸à¤° माता-पिता जानना चाहते हैं।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ मैं अपने 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार दे सकती हूं?
शिशॠके लिठछह महीने तक मां का दूध सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® आहार होता है, लेकिन कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना पड़ता है। अगर बात करें ठोस आहार की, तो 4 महीने में शिशॠको ठोस आहार देने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हो सकता है कि शिशॠके गले में खाना अटक जाठया शिशॠठीक से पचा न पाà¤à¥¤ इस कारण से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। इस बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कब शिशॠरातà¤à¤° बिना खाठसो सकता है?
अगर शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है, तो 6 महीने या उसके बाद रातà¤à¤° बिना सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ किठसो सकता है। 6 महीने के आसपास शिशॠलगातार 6 घंटे की नींद ले सकते हैं, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि शिशॠ6 महीने या उसके बाद से ही à¤à¤¸à¤¾ करें। इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सारे शिशॠà¤à¤• जैसे नहीं होते और सबकी जरूरतें अलग-अलग होती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं अपने 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को पानी दे सकती हूं?
नहीं, जब तक शिशॠ6 महीने का न हो जाà¤, उसे पानी देना उचित नहीं है। 6 महीने में à¤à¥€ शिशॠको थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में उबला हà¥à¤† पानी देना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, अगर आप 4 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को पानी देना चाहते हैं, तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें (12)।
शिशॠका बेहतर विकास हर माता-पिता के लिठखà¥à¤¶à¥€ की बात होती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जितना घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚गे, उनके साथ वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚गे और खेलेंगे, उनका विकास तेजी से होगा। 4 महीने का शिशॠबहà¥à¤¤ कà¥à¤› समà¤à¤¨à¥‡ और सीखने लगता है, इसलिठइस दौरान माता-पिता उनके साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚। आशा करते हैं कि इस लेख में दी गई जानकारियां आपके काम आà¤à¤‚गी और आप अपने शिशॠकी जरूरतों को जानकर उनके बेहतर विकास में मदद कर सकेंगे।
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